नई दिल्ली. पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में मिली प्रचण्ड जीत के बाद भाजपा की नजर दिल्ली पर है. पार्टी का मानना है कि दिल्ली में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लहर चल रही है और इसका फायदा राजौरी गार्डन विधानसभा उपचुनाव के साथ ही नगर निगम चुनाव में भी मिलेगा.

वहीं इसके लिए कार्यकर्ताओं को जमीन पर काम करने को कहा जा रहा है, लेकिन रविवार को उपचुनाव में मतदान को लेकर मतदाताओं में जिस तरह से उदासीनता दिखी उससे पार्टी के नेता सकते में हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक राजौरी गार्डन विधानसभा सीट भाजपा की सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल के पास है. इसलिए इस बार भी अकाली उम्मीदवार मनजिंदर सिंह सिरसा मैदान में हैं. खबर यह भी है कि मोदी लहर को भुनाने के लिए उन्हें भाजपा के चुनाव चिन्ह पर मैदान में उतारा गया था.

पार्टी को उम्मीद थी कि भारी संख्या में मतदाता घरों से निकलकर मतदान करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. लगभग 47 फीसद लोगों ने ही मताधिकार का प्रयोग किया है. जबकि वर्ष 2013 विधानसभा चुनाव में यहां मतदान फीसद 69.94 रहा था. वहीं वर्ष 2015 विधानसभा चुनाव में 72.30 फीसद मतदान हुआ था.

खबर है कि इस तरह से मतदान फीसद में गिरावट से भाजपा नेताओं की चिंता बढ़ गई है. उनका कहना है कि चुनाव परिणाम जो भी हो, लेकिन इससे पता चलता है कि दिल्ली के लोग चुनाव को लेकर उत्साहित नहीं हैं. वहीं अगर मतदाताओं की उदासीनता निगम चुनाव में भी बरकरार रही तो पार्टी को नुकसान हो सकता है. इसलिए अभी से इस दिशा में काम करने की जरूरत है.

वहीं, इस बारे मे प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता हरीश खुराना का कहना है कि भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जा रहे हैं. वे लोगों को भाजपा की नीतियां बताने के साथ ही उनसे मतदान में भाग लेने की अपील कर रहे हैं, लोग भी निगम चुनाव को लेकर उत्साहित हैं.

इसके लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता रविवार को पार्टी कार्यालय में मंथन करते रहे. प्रदेश भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के भी कई पदाधिकारी राजौरी गार्डन विधानसभा क्षेत्र में कम मतदान के कारणों की पड़ताल करने में व्यस्त रहे.

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